नीतीश कुमार नहीं रहेंगे मुख्यमंत्री, लालू यादव ने रच दिया चक्रव्यूह: गिरिराज सिंह

राजनीति

बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने ‘एक चक्रव्यूह’ रच दिया है, और वह उसमें घिरते जा रहे हैं. राज्य में नीतीश कुमार महागठबंधन की सरकार की अगुवाई करते हैं जिसमें राजद शामिल है.

 

बिहार सरकार में इन दिनों एक अलग तरह की जूतमपैजार चल रही है. जहां एक तरफ ललन सिंह के इस्तीफे की अफवाह-अटकले बढ़ती जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जेडीयू और राजद के बीच खींचतान सामने आ रही है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू अपने बेटे और वर्तमान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं, और इस बात की ‘200 प्रतिशत’ संभावना है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और तेजस्वी के लिए उन्हें गद्दी छोड़नी होगी.

नीतीश को छोड़नी पड़ेगी गद्दी

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए एक भविष्यवाणी कर दी. उन्होंने कहा कि जल्द ही नीतीश की कुर्सी जाने वाली है. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू अपने बेटे तेजस्वी यादव को बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं. गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि उनकी हाल में प्रसाद से बातचीत हुई थी और इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि प्रसाद के दिमाग में क्या चल रहा है. भाजपा नेता ने दावा किया है कि काफी समय से महागठबंधन में आंतरिक शीत युद्ध चल रहा है. उन्होंने कहा कि लालू यादव ने पूरा चक्रव्यूह रच दिया है.

 

नीतीश के पास एक ही विकल्प

उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में मुख्यमंत्री को हराने के लिए राजद को केवल कुछ जदयू विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. खुद को अपमान से बचाने के लिए, कुमार के पास केवल एक ही विकल्प बचा है कि वह पद छोड़ दें, अपनी पार्टी का राजद में विलय करने पर सहमत हों जाएं और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनने में मदद करें. लल्लन सिंह के मामले में बीजेपी का हाथ होने की बात वाले सवाल पर गिरिराज सिंह भड़क उठे. उन्होंने कहा कि जदयू में जो कुछ भी चल रहा है, उससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है. हमें नहीं पता कि ललन इस्तीफा देंगे या नहीं. हालांकि अगर ऐसा हो भी जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.

 

दोबारा गठबंधन का कोई सवाल नहीं

उन्होंने यह भी दावा किया कि जदयू ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है, यही कारण है कि वह अपने आंतरिक संकट के लिए भाजपा को दोषी ठहरा रही है. मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार के साथ हमारे दोबारा गठबंधन की कोई संभावना नहीं है. नीतीश कुमार ने पिछले साल अगस्त में भाजपा पर जदयू में विभाजन की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उससे गठबंधन तोड़ दिया था और ‘महागठबंधन’ में शामिल हो गए थे.

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