
पाकिस्तानी कलाकारों को पिछले सात वर्षों से भारत में काम करने पर प्रतिबंध लगा हुआ था। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बैन को बढ़ाने की मांग करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है।
पाकिस्तानी कलाकारों में माहिरा खान, फवाद खान, आतिफ असलम, अली जफर, जावेद शेख और राहत फतेह अली खान शामिल थे, जो इस बैन से प्रभावित हुए थे।
जजेस ने कहा कि बैन शांति और एकता को नहीं बढ़ाता।
मामले की अध्यक्षता करने वाले जस्टिस सुनील बी शुक्रे और फिरदौस पूनीवाला ने कहा कि ऐसे बैन से सांस्कृतिक सद्भाव, एकता और शांति नहीं बढ़ती। जजेस ने इस याचिका को मंजूरी देने से इनकार कर दिया क्योंकि वह उचित नहीं थी।
सच्चा देशभक्त निस्वार्थ होता है’
‘अदालत ने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि देशभक्त होने के लिए किसी को दूसरे देश विशेषकर पड़ोसी देश के लोगों के प्रति दुश्मनी की भावना रखना जरूरी नहीं है। सच्चा देशभक्त वह है जो निस्वार्थ है और अपने देश के लिए समर्पित है।’
सिने वर्कर फैज ने अपील की
सिने वर्कर फैज अनवर कुरैशी ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर बैन लगाने की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल की। फैज ने अपनी याचिका में भारत सरकार से मांग की कि पाकिस्तानी कलाकारों, संगीतकारों, सिंगरों, गीतकारों और तकनीशियनों पर बैन लगाया जाए और उनके साथ कोई संबंध नहीं बनाया जाए।
याचिकाकर्ता ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से भी अनुरोध किया कि वे पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगा दें।
