Palestine:
फ़िलिस्तीन(Palestine) के बेगुनाह मासूम बच्चों, महिलाओं और लोगों पर जारी बेतहाशा ज़ुल्म के खिलाफ दुनिया के कई देश इसराइल की कड़ी मुखालफत कर रहे हैं…इसी बीच एक लातिन अमेरिकी देश ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए इसराइल के साथ अपने रिश्ते तोड़ लिए हैं.

तो इज़राइल(Israel) को उसके आतंक के ख़िलाफ़ जिस दक्षिण अमेरिका देश ने औक़ात दिखाई है उसका नाम है बोलीविया. बोलीविया की उप रक्षा मंत्री फ़्रेडी ममानी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसराइल के साथ रिश्ते तोड़ने की ऐलान किया. उन्होंने कहा कि हम ‘ग़ज़ा पट्टी में किए जा रहे इज़राइल के आक्रामण और ज़रूरत से ज्यादा फ़ौजी हमलों की निंदा करते हैं, और तेल अवीव के साथ अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ने का फ़ैसला करते है. तो वहीं, बोलीविया की मिनिस्टर ऑफ़ द प्रेसिडेंसी मारिया नेला पराडा ने भी एक घोषणा की और कहा कि उनका देश ग़ज़ा में मानवीय सहायता भेज रहा है. बोलीविया की उप रक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, “ग़ज़ा पट्टी में हम हमले रोकने की मांग करते हैं जिसकी वजह से हज़ारों नागरिकों की मौत हुई है और फ़लस्तीनियों को जबरन विस्थापित होना पड़ा है. तो वहीं हमास ने बोलीविया सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत किया है. हमास ने कहा है कि वो इसे उच्च सम्मान के तौर पर देखता है. हमास ने आगे कहा, इसराइल से संबंध सामान्य कर रहे अरब देशों से भी ऐसी ही कार्रवाई की मांग करता है. अब बोलीविया के इस एक्शन पर इज़राइल का भी बयान सामने आया है. इसराइल ने बोलीविया के इस फ़ैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह ‘आतंकवाद के सामने सरेंडर’ है.
इससे पहले दो और दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया और चिली ने इसराइल से अपने रिश्ते तोड़ दिए थे और दोनों देशों ने अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था.
कोलंबिया(colombia) के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर लिखा है कि इसराइल फ़लस्तीनी लोगों का जनसंहार जब तक नहीं रोकता है तब तक हम वहां नहीं रह सकते.” कोलंबिया(colombia) की तरह दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने भी विरोध स्वरूप इसराइल से अपने राजदूत वापस बुलाने की घोषणा की है. चिली ने इसराइली कार्रवाई को ‘अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का उल्लंघन’ बताते हुए कहा है कि ये उसे स्वीकार नहीं है. इसलिए वो अपने राजदूत को तेल अवीव से वापस बुला रहा है… आपको बता दें कि अरब देशों से बाहर जिस देश में सबसे अधिक फ़लस्तीनी आबादी रहती है वो देश चिली ही है.
इसके अलावा मेक्सिको(mexico) और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने भी इसराइल-हमास(Isriel-Hamas) के बीच तुरंत संघर्ष विराम की अपील की है. इस समय ब्राज़ील के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता है.
लूला डा सिल्वा ने कहा है कि हमास का इसराइल पर हमला’ और ग़ज़ा में ‘लाखों निर्दोषों’ की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता है. सोशल मीडिया पर एक लाइव भाषण के दौरान उन्होंने कहा, “हमास के इसराइल के ख़िलाफ़ सिर्फ़ आतंकी हमला कर देने का मतलब यह नहीं है कि इसराइल लाखों निर्दोषों की हत्या कर दे… कुल मिला कर लगभग दुनिया के तमाम देश निर्दोष फिलिस्तीलियों पर किए जा रहे इज़राइल के ज़ुल्म के ख़िलाफ़ हैं और उस पर जंग को रोकने का दवाब बना रहे हैं…. इसराइल और हमास के बीच संघर्ष जारी है, लेकिन जंग का दायरा और बढ़ता ही जा रहा है. बता दें कि, मंगलवार को ग़ज़ा के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप जबालिया पर हुए इज़राइली धमाके में 50 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. इसराइल ग़ज़ा में हवाई हमले तो कर ही रहा है, अब उसके टैंक भी वहां का रूख़ कर रहे हैं. इस वजह से आम लोगों की ज़िंदगी बद से बदतर होती जा रही है. ग़ज़ा पट्टी पर हुए इज़रायली हमलों में अब तक 8,500 से अधिक लोगों की मौत हुई है. जिसमें बड़ी तादाद में बच्चे शामिल है
