देरी से चल रही ट्रेनों ने पैसेंजरों की परेशानी बढ़ा दी है।
गोरखपुर से दादर के लिए 01028 स्पेशल ट्रेन 41 घंटे विलंब से रवाना हुई। जिसके चलते मुंबई जाने वाले यात्री इंतजार के बाद घर लौट गए। वहीं एलटीटी से आने वाली 22538 कुशीनगर एक्सप्रेस 12 घंटे लेट पहुंची। गोरखपुर से जाने वाली 22537 कुशीनगर 10 घंटे विलंब हुई।

रेल यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कोहरा शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन रेलवे यात्रियों को अभी से अहसास कराने लगा है। त्योहारों में यात्रियों को मिलने वाली सुविधा ही असुविधा बन गई है। रेलवे स्पेशल ट्रेनों को चलाकर भूल जा रहा है। 27 नवंबर को गोरखपुर से दिन में 02:25 बजे रवाना होने वाली 01028 नंबर की गोरखपुर-दादर स्पेशल 29 नवंबर को 41 घंटे की देरी से सुबह 07.25 बजे रवाना हुई। मुंबई जाने वाले लोग स्टेशन पहुंचकर घर वापस लौट गए।
01027 नंबर की दादर-गोरखपुर स्पेशल 25:40 घंटे लेट से गोरखपुर पहुंची। 09190 कटिहार-मुंबई सेंट्रल स्पेशल 07:30 घंटे की देरी से चल रही थी। लगभग सभी स्पेशल ट्रेनें 10 से 41 घंटे की देरी से चल रही थीं। स्पेशल ही नहीं नियमित ट्रेनों का समय पालन भी धड़ाम हो गया है। मंगलवार को एलटीटी से आने वाली 22538 कुशीनगर एक्सप्रेस 12 घंटे लेट गोरखपुर पहुंची।
गोरखपुर से एलटीटी जाने वाली 22537 कुशीनगर 10 घंटे विलंब हो गई। यात्री रात भर स्टेशन पर ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे। 12554 वैशाली एक्सप्रेस 2:45 घंटे, 12530 लखनऊ-पाटलीपुत्र एक्सप्रेस 3:30 घंटे, 15018 दादर एक्सप्रेस 16 घंटे, 15707 आम्रपाली 02:00 घंटे, 15105 छपरा-नौतनवा इंटरसिटी 08:00 घंटे की देरी से चल रही थीं। जून-जुलाई में ट्रेनों का जो विलंबन शुरू हुआ वह समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा। रेलवे की यात्रा कष्टदायी होती जा रही है। ट्रेनें आए दिन लगातार निरस्त हो रही हैं। जो चल रही हैं, वह भी समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच रहीं।
गोंडा और वाराणसी यार्ड रिमाडलिंग के अलावा कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन और भटनी-पिवकोल नई बाईपास लाइन की नान इंटरलाकिंग के चलते ही महीनों ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा है। छपरा जंक्शन पर यार्ड रिमाडलिंग अभी चल ही रहा है। दिल्ली, मुंबई, पंजाब और गुजरात आदि जाने वाले यात्री लगातार जूझते रहे हैं। अब त्योहारों में भीड़ बढ़ी है तो गाड़ियों का समय पालन ध्वस्त हो गया है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें तो संचालित कर दिया, लेकिन उसकी नियमित निगरानी नहीं कर पा रहा है।
यही कारण है कि नियमित (रुटीन) ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा, वहीं स्पेशल ट्रेनें खाली चल रही हैं। सीट व बर्थ खाली होने के बाद भी लोग टिकट बुक नहीं करा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अभी नवंबर में यह हाल है, दिसंबर में मौसम खराब होने (कोहरा) की स्थिति में दिल्ली, पंजाब और मुंबई की राह पहाड़ चढ़ने जैसी हो जाएगी। रेलवे ने अभी से ट्रेनों को निरस्त करना शुरू कर दिया है। यही नहीं ट्रेनों की अधिकतम गति 75 और 60 भी निर्धारित कर दिया है।
यार्ड रिमाडलिंग के चलते आज और कल नहीं चलेगी गोरखपुर-वाराणसी एक्सप्रेस
छपरा जंक्शन का यार्ड रिमाडलिंग हो रहा है। इसके चलते विभिन्न तिथियों में कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार 05031/05032 गोरखपुर-गोण्डा-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन 29 नवंबर से 12 जनवरी तक निरस्त रहेगी। इसके अलावा 29 और 30 नवंबर को 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी।
इसके अलावा 01, 04, 06, 08, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 दिसंबर तथा 01, 03, 05, 08, 10 एवं 12 जनवरी को 22531 छपरा-मथुरा एक्सप्रेस भटनी से चलाई जाएगी। 29 नवंबर 01, 04, 06, 08, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 दिसंबर तथा 01, 03, 05, 08, 10 एवं 12 जनवरी, 2024 को चलने वाली 22532 मथुरा जं.-छपरा एक्सप्रेस भटनी में ही रुक जाएगी। इससे इस ट्रेन से नियमित यात्रा करने वाले लोगों को दूसरी ट्रेन का रुख करना पड़ेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे रूट पर 75 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। कार्तिक पूर्णिमा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों का ठहराव भी बढ़ा दिया गया था। ट्रेनों की निगरानी बढ़ा दी गई है, जल्द ही समय पालन बेहतर हो जाएगा।
