शुक्रवार की सुबह इसराइल और हमास के बीच सात दिन तक चले युद्ध विराम के समाप्त होने के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. संघर्ष विराम के दौरान दोनों ओर से बंधकों और कैदियों की रिहाई हुई और ग़ज़ा पट्टी में बहुत ज़रूरी मानवीय सहायता पहुंची.
ताज़ा घटनाक्रम को लेकर उठ रहे कुछ मुख्य सवालों पर आइए नज़र दौड़ाते हैं.

युद्ध विराम क्यों ख़त्म हुआ?
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेस ने कहा है कि युद्ध विराम समाप्त होने के एक घंटा पहले ग़ज़ा पट्टी के क़रीब स्थित इसराइली इलाक़े में साइरन बज उठे और एक रॉकेट को इंटरसेप्ट किया गया.
एक घंटे बाद इसराइली सेना ने कहा कि लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. उसने हमास पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.
आईडीएफ़ ने कहा कि उसके लड़ाकू विमान ग़ज़ा पट्टी में हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.
इसके कुछ देर बाद ही इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने सभी महिला बंधकों को रिहा करने की प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया और इसराइली नागरिकों पर रॉकेट दागे.”
हमास ने इसराइल पर लगाया आरोप
हालांकि लड़ाई शुरू करने के लिए हमास ने इसराइल पर आरोप लगाए और कहा कि “उसने बंधकों की रिहाई के सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया.”
हमास ने एक बयान में “ग़ज़ा पट्टी में ज़ायनिस्ट युद्ध अपराधों को जारी रखने” और “इसराइल को हरी झंडी” देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी ठहराया है और कहा है, “क़ब्जाधारियों ने आपराधिक आक्रामकता को फिर से बहाल करने का पहले ही फैसला ले रखा था.”
एक सप्ताह तक चले युद्ध विराम के दौरान नेतन्याहू पर फिर से युद्ध शुरू करने का दबाव बढ़ गया था, ख़ासकर उनकी सरकार में शामिल दक्षिणपंथी तत्वों की ओर से. हालांकि इसराइल समझौता समाप्त होने के बाद ऐसा करने की मंशा लगातार ज़ाहिर कर रहा था.
इसके बावजूद, किसी नए समझौते पर बात बनने की अभी भी उम्मीद है.
युद्ध विराम को लेकर हुए समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ने शुक्रवार को कहा कि “अस्थाई युद्ध विराम के मक़सद से” वार्ता जारी थी.
