साक्षी मलिक ने बृजभूषण पर लगाया एक और बड़ा आरोप, कहा- परिवार को है खतरा

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भारत की ओलिंपिक पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कहा है कि उनके परिवार को धमकी भरे फोन आए हैं और वह इस मामले में सरकार से मदद चाहती हैं. साक्षी मलिका उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे.

भारतीय कुश्ती जगत इस समय काफी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पिछले साल हुए खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव दिसंबर में हुए थे और संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था लेकिन खेल मंत्रालय ने उन्हें बर्खास्त कर दिया. अब रियो ओलिंपिक-2016 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक ने एक और खुलासा किया है. उन्होंने बुधवार को अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगया है कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि बृजभूषण सिंह के लोग उन्हें कॉल कर रहे हैं.

साक्षी मलिक उन पहलवानों में शामिल थीं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ पिछले साल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. उनके अलावा इस प्रदर्शन में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट के नाम शामिल थे. इन सभी ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे. इसके बाद भूषण को पद से हटना पड़ा था और फिर दोबारा चुनाव कराए गए थे लेकिन नई डब्ल्यूएफआई ने नेशनल्स के आयोजन में जो जल्दबाजी दिखाई उसे देखने के बाद खेल मंत्रालय ने उसे बर्खास्त कर दिया.

पुलिस को जानकारी देंगे

साक्षी ने बुधवार को अपने दिल्ली आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि उनकी मां को किसी का फोन आया और वो शख्स कह रहा था कि उनके घर में किसी पर केस होने वाला है. साक्षी ने कहा कि बृजभूषण के लोग उन्हें फोन कर रहे हैं. उन्होंने भारतीय सरकार से सुरक्षा मांगी है. साक्षी ने साथ ही कहा है कि वह इस मामले की पूरी जानकारी पुलिस को देंगी. साक्षी ने कहा कि उन्होंने इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी और फिर भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव होने के बाद भी बृजभूषण का आदमी संघ में आया था. इस दिग्गज पहलवान ने कहा कि वह नहीं चाहती कि संजय सिंह की या बृजभूषण के किसी खास आदमी की वापसी हो. साक्षी ने संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने के बाद कुश्ती से संन्यास से लिया था.

एडहॉक कमेटी से कोई दिक्कत नहीं

खेल मंत्रालय ने संजय सिंह की अध्यक्षता वाली डब्ल्यूएफआई को बर्खास्त कर दिया था और उसकी जगह महासंघ का कामकाज देखने के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया था. साक्षी ने कहा है कि उन्हें एडहॉक से कोई परेशानी नहीं है और वह इसका स्वागत करती हैं. साक्षी ने कहा कि उनके ऊपर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने जूनियर बच्चों का हक छीना है लेकिन उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो और इसके लिए ही उन्होंने लड़ाई लड़ी. उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया है कि वह बच्चों को सुरक्षित रखा जाए. जंतर-मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट पर साक्षी ने कहा कि ये बृजभूषण का प्रोपोगेंडा है. जंतर-मंतर पर साक्षी सहित बजरंग और विनेश के खिलाफ प्रोटेस्ट हो रा है. उन्होंने कहा कि बृजभूषण की आईटी सेल सक्रिय है. साक्षी ने साफ कहा है कि वह नहीं चाहतीं कि बृजभूषण का कोई आदमी डब्ल्यूएफआई में आए.

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