Loksabha 2024 : भारत को लोकतंत्र की जननी बताने वाले प्रधानमंत्री के शासनकाल में एक और ऐतिहासिक दिन भारतीय लोकतंत्र में जुड गया है, नगालैंड के छह जिलों में मतदान प्रतिशत शून्य रहा, 9 घंटे तक चुनाव आयोग के कर्मी इंतज़ार करते रहे लेकिन कोई भी मतदान करने नहीं आया, लगभग 4 लाख वोटर ने चुनाव के इस त्यौहार में हिस्सा नहीं लिया। वोट ना करने का कारण यह बताया जा रहा है कि नागालैंड (nagaland) के लोग एक अलग राज्य की मांग कर रहे हैं जिसको लेकर जनजातीय संगठनों की शीर्ष संस्था The Eastern Nagaland People’s Organisation (ENPO) द्वारा बंद का ऐलान किया गया था।
आपको बता दें कि ENPO सात जनजातीय संगठनों की शीर्ष संस्था है जिनकी अलग राज्य की मांग है जिसपर मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा है कि सरकार को ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन की एफएनटी की मांग से कोई समस्या नहीं है क्योंकि वह पहले ही इस क्षेत्र के लिए स्वायत्त शक्तियों की सिफारिश कर चुकी है।
ऐसा दशकों बाद ही देखने को मिला होगा कि चुनाव में जनता की बिलकुल भी रूचि नही थी, अधिकारियों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नागालैंड की सड़कों पर ना तो लोग दिख रहे थे और ना ही कोई वाहनं देखने को मिल रहा था। नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आवा लोरिंग ने कहा कि क्षेत्र के 738 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कर्मी मौजूद थे। इस जगह 20 विधानसभा आती हैं लेकिन एक और बड़ी बात यह भी है कि 20 विधायकों ने भी वोट नहीं डाला। अब देखना होगा कि आगे के चरणों में नागालैंड के लोग क्या करते हैं, वह अपनी मांग के चलते चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेता है या फिर बायकॉट करते हैं और साथ ही चुनाव आयोग इसका क्या समाधान निकलता है।
