CWC meeting: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शनिवार को हुई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई अन्य नेता शामिल हुए. इस चुनाव में कांग्रेस ने गत लोकसभा चुनाव की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसका उत्साह पार्टी के सभी नेताओं के चेहरे पर साफ देखने को मिल रहा था. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में आगे की रूपरेखा तैयार की गई.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘कांग्रेस कार्य समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद स्वीकार करने का अनुरोध किया . उन्होंने जवाब दिया कि वह इस बारे में सोचेंगे.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, “हर बार चुनाव के बाद हमारी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होती है और स्थिति का विश्लेषण किया जाता है . राहुल गांधी का यह 5वां कार्यकाल है . वह एक वरिष्ठ नेता हैं . वह सामने से हमला करते हैं और समझदारी से करते हैं . वो इसे आत्मविश्वास और निडरता के साथ करते हैं . उन्हें संसदीय दल का नेता होना चाहिए .“
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, ”हमारी मांग रही है कि राहुल गांधी आगे आएं और सब कुछ संभालें, लेकिन अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व का है . राहुल गांधी को खुद फैसला करना है . पीएम को शपथ नहीं लेनी चाहिए . वह ‘400 पार’ के बारे में बात कर रहे थे . अगर मैं उनकी जगह पर होता, तो शायद शपथ नहीं लेता .” कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद भूपेंदर सिंह हुड्डा ने कहा, “राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए . यही सबकी मांग है और यही कांग्रेस को मजबूती देगी .”
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, “जब भी कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी से कुछ अपेक्षा की है, उन्होंने पार्टी की ख्वाहिश पूरी की है . आज कांग्रेस पार्टी उनसे गुजारिश करती है कि वो देश की आवाज सदन में उठाएं .”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “इस बात में कोई संशय नहीं है कि कांग्रेस ने कई राज्यों में प्रशंसनीय प्रदर्शन किया है, लेकिन इस बात को भी सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता कि जिन राज्यों में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, वहां हमें आत्मचिंतन करना होगा .“
इसके अलावा, कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे हैं . उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखों में आंखें डालकर भारतीय राजनीति में अगर कोई नेता बात कर सकता है, तो वो राहुल गांधी ही हैं . वहीं, ऐसी स्थिति में जब तानाशाही अपने चरम पर पहुंच चुकी है, सभी जांच एजेंसियों को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है, तो राहुल गांधी के ही कंधों पर नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके .
