liz truss Resigns as UK Prime Minister: पिछले एक हफ्ते से विपक्ष और अपनी ही पार्टी की बगावत का सामना कर रहीं ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने आखिरकार गुरुवार को इस्तीफे का ऐलान कर दिया। हालांकि, वो अगला प्रधानमंत्री चुने जाने तक पीएम पद पर बनी रहेंगी. BBC के मुताबिक- लिज सिर्फ 45 दिन पद पर रहीं। किसी भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री का यह सबसे छोटा कार्यकाल है. दरअसल, काफी आलोचनाओं के बाद कंजर्वेटिव पार्टी की स्पेशल रूल कमेटी 1922 के चेयरमैन सर ग्राहम ब्रेडी ने लिज से मुलाकात करके उन्हें बताया था कि पार्टी अब उन्हें नेता के तौर पर नहीं देखती.
जिसके बाद अब उनके इस्तीफे की खबर सामने आई है. लिज ने पीएम ऑफिस डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, जिस मैन्डेट के तहत उनका चुनाव हुआ था उसे वो पूरा नहीं कर सकेंगी. उन्होंने कहा कि मैं जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी, उन्हें पूरा नहीं कर सकी, इसका अफसोस है. वो बोलीं कि किंग चार्ल्स को मैंने इस बारे में जानकारी दे दी है. उन्होंने कहा कि जिस दौर में उनका चुनाव प्रधानमंत्री के पद पर हुआ वो “आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उथल-पुथल का दौर” था.
इससे पहले उन्होंने सोमवार को BBC को एक इंटरव्यू दिया था. जिसमें उन्होंने पूरे आत्मविशवास से कहा कि, वादाखिलाफी और गलतियों की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगती हूं. हम हर वादा पूरा करना चाहते हैं, लेकिन अब इसमें वक्त लगेगा. जब उनसे इस्तीफे पर सवाल पूछा गया तो वो बोलीं- मैं हार नहीं मानती। इस्तीफे जैसी फिजूल बातों पर वक्त खराब नहीं करना चाहिए। यही बात देशहित में भी है. हालांकि, 2 दिन बाद ही उन्होंने इस्तीफा ऐलान कर दिया.
लिज़ ट्रस का इस्तीफ़ा गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन के पद छोड़ने और कंज़र्वेटिव पार्टी के सांसदों के बग़ावत के बाद हुआ है. वहीं, पार्टी और खुद की फजीहत के बीच भी लिज पिछले हफ्ते चुप रहीं थीं. हालात, ये हुए कि विपक्ष ने उन पर संसद में बेंच के नीचे छिपने का तंज तक कस दिया. विपक्ष के ऐसे ही ताने और अपनी ही पार्टी में हुई बगावत के बाद आखिरकार लिज ट्रस को स्तीफा देना ही पड़ा. उनके इस्तीफे के एलान के बाद ब्रिटेन में तुरंत आम चुनाव कराये जाने की मांग तेज हो गई है.
