मौसम विभाग ने 2 दिसंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान बनने की भविष्यवाणी की थी. बाद में यह तूफान मिचौंग मजबूत होते हुए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ा और भारी तबाही मचाई. यहां जानें कि चेन्नई में अब हालात कैसे हैं.

चक्रवाती तूफान मिचौंग से जूझने के एक दिन बाद मंगलवार को तमिलनाडु को बारिश से थोड़ी राहत मिली. अब यह कमजोर पड़ने लगा है लेकिन इस तूफान ने जो नुकसान आम लोगों को पहुंचाया है, उससे उबरने में लोगों को अभी वक्त लगेगा. तमिलनाडु की अगर बात करें तो यहां मिचौंग की दस्तक से कुछ घंटे पहले आई बाढ़ के कारण अकेले चेन्नई में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई है.
कई शहर जो मिचौंग से प्रभावित हुए, वहां अब भी मोबाइल कनेक्टिविटी की भारी दिक्कत है. साथ ही लोग बिजली कटौती से भी परेशान हैं. हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि उसने 80 प्रतिशत बिजली सप्लाई और 70 प्रतिशत मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल कर दी है. तमिलनाडु के मुख्य सचिव ने कहा है कि शहर में 42,747 मोबाइल फोन टावर हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत फिलहाल चालू हैं.
केंद्र से 5 हजार करोड़ के मदद की मांग
तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने चक्रवाती तूफान मिचौंग से हुए नुकसान के बाद केंद्र सरकार से मदद की मांग की है. स्टालिन की अगुवाई में चल रही सरकार ने कहा है कि मिचौंग के कारण हुई बारिश से राजधानी चेन्नई और कई जिलों में इंफ्रास्ट्रकचर को भारी क्षति पहुंची है. उसी को दोबारा से बनाने के लिए और लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भारत सरकार उन्हें 5 हजार करोड़ की अंतरिम मदद भेजे. डीएमके ने कहा है कि राज्य सरकार अपने साधनों से सब कुछ कर रही है, लेकिन बुनियादी ढांचे का नुकसान इतना बड़ा है कि इसे जल्द से जल्द ठीक नहीं किया जा सकता है. वह तभी मुमकिन है जब भारत सरकार मदद का हाथ बढ़ाए.
हर तरफ जलभराव की तस्वीरें
डीएमके ने कहा है कि दो दिनों में उनके राज्य में करीब 33 सेंटीमीटर बारिश हुई है और इसने पिछले 47 बरस का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. डीएमके के नेता बार-बार कह रहे हैं कि साल 2015 में उन्होंने जिस तरह के हालात का सामना किया था, यह उससे भी बेहद खराब है. लगातार तमिलनाडु की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं जिसमें उसके कई इलाके पूरी तरह पानी में डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं. तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले कल ड्रोन शॉट से जब तस्वीरें ली गईं तो वहां हर तरफ जलभराव दिखा.
