Akhilesh Yadav on Lateral Entry: लेटरल प्रवेश को लेकर चल रहे प्रोटोटाइप घमासान के बीच, स्टाफ लोक याचिका और पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. शत्रु सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में मंत्री ने यूपीएससी से लेटरल एंट्री के आधार पर दी गई भर्तियों को रद्द करने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा है कि, यूपीएससी में लेटरल एंट्री के लिए शून्य को दोषी ठहराने की कोशिश की गई है। उनका कहना है, यह साजिश अब पीडीए की एकता को आगे बढ़ाने और सरकार को अपना निर्णय लेने की है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि लेट्रल एस्ट्रिक्टिव ने भाजपा के तटस्थ विरोधी अलगाव को एकजुट कर दिया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि लेट्रल एन्ट्री के आधार पर दी गई भरतियों में नेटिकल का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। वैसे, इसे ले लिया जाए। डॉ. वकील सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च पद पर लेटरल प्रवेश के मामले में संविधान में निहित सामाजिक न्याय और नैतिकता के सिद्धांतों पर ज़ोर देना चाहते हैं। इसलिए, इस विज्ञापन को वापस लिया जाना चाहिए।
