न्यू ईयर 2022 के मौके पर माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में भगदड़ से तबादी मच गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक शनिवार को हुई इस भगदड़ में 12 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं…जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. अफरातफरी की वजह से हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए वापस लौट रहे हैं.
दरअसल हर साल लाखों भक्त साल के पहले दिन मां के दर्शन के लिए भवन पहुंचते हैं. इसी क्रम में शनिवार रात 12 बजे के बाद परिसर में अचानक भगदड़ मच गई. कटरा अस्पताल के बीएमओ डॉक्टर गोपाल दत्त समाचार एजेंसी ANI से 12 लोगों के मौत की पुष्टि की है. हालांकि ये अभी शुरुआती जानकारी है.
घायलों को वैष्णो देवी ट्रस्ट द्वारा संचालित नारायणा अस्पताल ले जाया गया है. फिलहाल भगदड़ के बारे में कुछ साफ जानकारी नहीं मिल पाई है. पुलिस बल मौके पर मौजूद है और राहत कार्य चलाया जा रहा है.
हादसे के तुरंत बाद अर्धकुंवारी और बाणगंगा से यात्रा को रोक दिया गया है. बताया जा रहा है कि नए साल के मौके पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंच गए थे… आरोप है कि श्राइन बोर्ड ने इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे… ऐसे में हम आपको बताते हैं कि ये हादसा कैसे हुआ और वे कौन से सवाल हैं जिनके जवाब ढूंढे जा रहे हैं.
कैसे हुआ हादसा?
नए साल के मौके पर शाम से ही मंदिर में भारी संख्या में लोग जुटने लगे थे
कई लोग दर्शन के बाद ऊपर मंदिर परिसर में ही रुके थे, जिससे भीड़ बढ़ी थी
रात 2 बजे के बाद गेट नंबर-3 के पास कुछ लोगों में बहस हो गई
देखते ही देखते वहां धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद भगदड़ मची
जगह कम थी, भगदड़ मचने के बाद लोगों को निकलने की जगह नहीं मिली
ये सवाल ढूंढ रहे हैं जवाब?
1. कोरोना प्रोटोकॉल के बावजूद 70-80 हजार श्रद्धालु कैसे पहुंच गए?
2. वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की लिमिट तय क्यों नहीं की?
3. त्रिकुटा हिल्स में ज्यादा श्रद्धालु नहीं ठहर सकते, बेस कैंप में क्यों नहीं रोका?
4. कोरोना की वजह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन क्यों नहीं कराया प्रशासन ने?
5. गेट नंबर-3 के पास जगह कम है, भीड़ को क्यों जुटने दिया गया?
