Lakhimpur Violence: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा के मामले में किसानों और यूपी सरकार के बीच समझौता (Settlement) हो गया है. एडीजी प्रशांत कुमार (ADG Prashant Kumar) ने जानकारी दी है कि, किसानों की लगभग तमाम मांगें मान ली गई हैं. प्रशांत किशोर ने बताया कि, इस हिंसा में जो किसान मरे हैं, उनके परिवारों को योगी सरकार 45-45 लाख रुपये मुआवज़े के तौर पर देगी. इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी. वहीं जो लोग इस हादसे में जख्मी हुए हैं उन्हें 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे.
उन्होंने आगे बताया कि, किसानों की शिकायत के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की जाएगी. योगी सरकार ने इस मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की भी बात कही है.
वहीं इससे अलग इस मामले पर विपक्षी पार्टियां भी लगातार हंगामा कर रही है. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी इतवार देर रात लखनऊ से लखीमपुर खीरी किसानों ले मुलाकात करने के लिए निकलीं तो, पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इस वहा मौजूद कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई. हालांकि, इस बवाल के बीच प्रियंका गांधी वहां से पैदल ही निकल गईं और आगे जा कर एक कार में बैठ गई. लखीमपुर खीरी जा रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा को सुबह करीब साढ़े पांच बजे हरगांव से गिरफ्तार (Priyanka Detained) किया गया. इसके बाद उन्हें सीतापुर के ही गेस्ट हाउस ले जाया गया है.
इनकी इस गिरफ्तारी पर उनके भाई और पार्टी के पूर्व अक्ष्यक्ष राहुल गांधी ने योगी सरकार को घेरा. उन्होंनं ट्वीट करके कहा कि, प्रियंका, मैं जानता हूँ तुम पीछे नहीं हटोगी- तुम्हारी हिम्मत से वे डर गए हैं. न्याय की इस अहिंसक लड़ाई में हम देश के अन्नदाता को जिता कर रहेंगे.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पुलिस ने लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया. जिसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया. बवाल बढ़ता देश पुलिस ने अखिलेश को हिरास्त में ले लिया.
इससे पहले सोमवार सुबह ही उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. एक तरह से अखिलेश यादव को हाउस अरेस्ट कर दिया गया. लेकिन कुछ देर बाद वो निकले और घर के बाहर ही धरना पर बैठ गए. उनके साथ सपा कार्य़कर्ता भी धरने पर बैठ गए और योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. अखिलेश यादव ने इस मामले में गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ ही मृतक के परिवारों को 2-2 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है. अखिलेश का कहना है कि सरकार कुछ छिपा रही है तभी किसी को जाने नहीं दे रही.
