उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव(UP ELECTION 2022) से पहले चाचा भतीजा का मिलन हो गया है. यकीनन ये मिलन बीजेपी के लिए सिर दर्द साबित होगा. गुरूवार को सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने (Akhilesh meet shivpaal) अपने चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव से उनके घर जाकर मुलाकात की. जिसके बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि, यूपी चुनाव से पहले दोनों पार्टियों का गठबंधन संभव हो सकता है.
दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि, ‘प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मुलाक़ात हुई और गठबंधन की बात तय हुई. क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को निरंतर मजबूत कर रही है और सपा और अन्य सहयोगियों को ऐतिहासिक जीत की ओर ले जा रही है.’
खबरों के मुताबिक चाचा भतीजे की ये मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली, इस दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव भी वहाँ मौजूद थे. विधानसभा चुनाव से पहले हूई ये मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है.
बता दें साल 2016 के आखिर में जब सपा सत्ता में थी अखिलेश यादव सीएम थे और शिवपाल सरकार कैबिनेट मंत्री थे, तो उस दौरान दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई थी, और विधानसभा चुनाव से ऐन पहले एक जनवरी 2017 को अखिलेश को सपा अध्यक्ष बना दिया गया था. बाद में शिवपाल ने नाराज होकर सपा से अलग प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर लिया था.
सपा के इस बिखाराव चाचा शिवपाल यादव ने कई बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की पहल की. लेकिन अखिलेश ने कई बार अलग-अलग मौकों पर कहा कि, जब हमारी सरकार बनेगी तो चाचा और उनके समर्थकों का पूरा सम्मान किया जाएगा. हालांकि, अखिलेश ने कभी शिवपाल से साफ तौर पर कभी गठबंधन करने की बात नहीं की.
