लखीमपुर के तिकुनिया हिंसा मामले में जांच टीम ने सोमवार को अदालत में 5 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भइया (Ashish Mishra) को मुख्य आरोपी बनाया गया है. आशीष मिश्रा समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इतना ही नहीं एसआईटी के मुताबिक, आशीष घटनास्थल पर ही मौजूद था. चार्जशीट में 208 गवाहों और 16 आरोपियों के नाम हैं.
SIT ने अपनी जांच में लखीमपुर हिंसा में आशीष मिश्रा के असलहों से फायरिंग की पुष्टि की है. आशीष मिश्रा की रिवाल्वर और राइफल से भी फायरिंग हुई. चार्जशीट के मुताबिक, सोची समझी साजिश के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप और SUV से कुचला गया था.
खास बात है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि यह क्राइम किसी लापरवाही का नतीजा नहीं, बल्कि जानबूझकर, साजिशन और जान लेने की नीयत से किया गया अपराध है. इस खुलासे के बाद सभी आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या के बजाय हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. एसआईटी ने अब सभी आरोपियों पर 307, 326, 302, 34,120 बी,147, 148,149 के तहत मामला दर्ज किया है. इससे पहले लखीमपुर कांड के गुनहगारों पर आईपीसी की धारा 279, 338, 304 ए के तहत कार्रवाई की जा रही थी.
बता दें 3 अक्टूबर को तिकुनिया कस्बे में हुई हिंसा में 4 किसानों और एक पत्रकार सहित 8 लोगों की जान गई थी. आशीष मिश्रा और उसके साथियों के खिलाफ किसानों की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
