SC-ST-OBC छात्र क्यों छोड़ रहे IIT-IIM?, 5 साल में 13 हज़ार से ज़्यादा छात्र हुए Dropout!

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युवा देश का भविष्य होते हैं इसलिए कहा जाता है कि जब युवा पड़ेगा तभी देश आगे बढ़ेगा लेकिन अगर युवा बीच रास्ते में ही अपने पढ़ाई छोड़ दे तो यह चिंता का विषय है और भारत में इस समय ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है क्योंकि पिछले 5 सालों में सेंट्रल यूनिवर्सिटीज IITs और IIMs से रिजर्व्ड कैटेगरी के 13, 600 से भी ज्यादा स्टूडेंट्स ड्रॉपआऊट हुए हैं।

इन स्टूडेंट्स ने पढ़ाई पूरी होने से पहले ही कॉलेज छोड़ दिया। यह बात तब सामने आई जब सोमवार को लोकसभा में, बहुजन समाजवादी पार्टी के रितेश पांडे ने यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर एजुकेशन सुभास सरकार से एक सवाल पूछा। जिसके जवाब में राज्य मंत्री ने इन आंकड़ों को सामने रखा केंद्रीय विश्वविद्यालयों (सीयू) के बारे में, सरकार ने कहा कि पिछले पांच सालो में कुल 4,596 ओबीसी, 2,424 एससी और 2,622 एसटी छात्रों ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी है. जिनमें से अगर आईआईटी के छात्रों की बात करें तो आईआईटी के ओबीसी के 2,066 , एससी कै 1,068 और एसटी के 408 छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी है जिसको लेकर राज्य मंत्री सुभास सरकार ने कहा, ‘हायर एजुकेशन सेक्टर में स्टूडेंट्स के पास ढेरो ऑप्शन्स होते हैं। ऐसे में वो एक इंस्टीट्यूशन से दूसरे में इंस्टीट्यूट में या एक ही इंस्टीट्यूट में एक कोर्स से दूसरे कोर्स में शिफ्ट हो जाते हैं।’जबकि आईआईएम के छात्रों की बात करें तो ओबीसी के 163 एससी के 188 एसटी के 91 छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी है… जबकि आरक्षित श्रेणियों के 13,600 से अधिक छात्रों ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और आईआईएम में अपनी शिक्षा बंद कर दी है… वही सुभास सरकार ने कहा कि ड्रॉपआऊट रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्टूडेंट्स के लिए फीस कम की जा रही हैं, नए इंस्टीट्यूट्स बनाएं जा रहे हैं, स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप्स दी जा रहीं हैं और नेशनल लेवल की स्कॉलरशिप के लिए उन्हें प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया जा रहा है। यह सभी कोशिश उन स्टूडेंट्स के लिए की जा रही है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके अलावा SC, ST स्टूडेंट्स के लिए भी कई तरह की स्कीम चल रही हैं।

लेकिन अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो तो पढ़ाई छोड़ने वालों में सबसे ज्यादा स्टूडेंट ओबीसी केटेगरी से है… इसके बावजूद उनके लिए कोई स्पेशल स्कीम या स्कॉलरशिप का प्रावधान नहीं है। ऐसे में अब आपको क्या लगता है की सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए की छात्रा अपनी पढ़ाई आधे में ना छोड़े और क्या वाकई ओबीसी कैटेगरी के छात्रों के लिए कोई स्पेशल स्कीम या स्कॉलरशिप का प्रावधान करना चाहिए आपकी जो भी राय हो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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