“ऐसे नहीं चलेगा”…Supreme Court ने फिर ठुकराई Baba Ramdev की माफ़ी!

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जब सत्ता का साथ मिलता हैं तो हर चीज़ आसान लगती हैं लेकिन बाबा रामदेव (Baba ramdev)  ये भूल गए थे कि देश में केवल सत्ता का साथ काफी नहीं हैं क्यूंकि देश में सुप्रीम कोर्ट (supreme court) भी हैं। मंगलवार 15 अप्रैल को पतंजलि भ्रामक विज्ञापन(patanjali misleading ads case) मामले में सुनवाई हुई, इस सुनवाई के दौरान एक बार फिर कोर्ट ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को माफ़ी देने से इनकार कर। ये तीसरा मौक़ा है जब सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से बाबा रामदेव का झटका लगा है। इससे पहले भी दो बार बाबा रामदेव हाथ जोड़कर कोर्ट से अपनी गलती पर माफ़ी माँग चुके हैं…लेकिन कोर्ट है कि बाबा की माफ़ी को क़ुबूल नहीं करना चाहता। बाबा रामदेव की सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने हाथ जोड़े माँफी माँगते हुए एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए लोग बाबा रामदेव को खूब खरी खोटी सुना रहे है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ?

दरअसल, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह की बेंच के सामने बाबा रामदेव और बालकृष्ण तीसरी बार पेश हुए. जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह ने सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव से पुछा कि, आपका बहुत सम्मान है लेकिन जो आपने कोर्ट के साथ किया क्या वह ठीक था?, तो बाबा रामदेव बोले कि “जज साहिबा हम इतना कहना चाहते हैं कि जो भी हमने भूल की हैं उसके लिए हम बिना शर्त माफ़ी मांग लेते हैं हम पब्लिकली माफ़ी मांग माँगने को तैयार हैं”

वहीं, बाबा रामदेव और बालकृष्ण के वकील मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह से कहा कि, हम सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने के लिए तैयार हैं ताकि देश को पता चल सके कि हम कोर्ट के आदेश के पालन को लेकर गंभीर हैं, जिसपर कोर्ट ने कहा कि इसके लिए आपको सलाह की जरूरत नहीं हैं।

जस्टिस हिमा कोहली ने बाबा रामदेव से सवाल किया कि, हमारे देश में आयुर्वेदिक पद्दति काफी पुराने समय से हैं। नानी के नुक्शे भी घरो में इस्तमाल होते हैं लेकिन अपने अपने प्रोडक्ट को अच्छा बताने के लिए दूसरी यानी एलोपेथिक को गलत बताना ठीक हैं क्या?
जिसपर बाबा रामदेव ने कहा कि किसी को गलत बताने का हमारा इरादा नहीं था, हम आयुर्वेद को रिसर्च के आधार पर आगे ले जाना चाहते हैं
जिसके लिए हम लोगो को जागरूक कर रहे हैं हमारा उद्देश्य कोर्ट के आदेश की अवेलहना करना नहीं था।

हालाँकि, टॉप कोर्ट ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण एक नहीं सुनी, जिसके बाद पतंजलि के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट से 1 हफ़्ते का समय माँगा हैं। जिसके बाद कोर्ट ने 23 अप्रैल को सुनवाई का आदेश दे दिया हैं। इस दौरान कोर्ट से सख़्त लहजे में कहा कि, 23 अप्रैल को बाबा रामदेव और बालकृष्ण को भी मौजूद रहने होगा।

आपको बता दें कि इससे पहले भी बाबा रामदेव ने कोर्ट से माफ़ी मांगी थी लेकिन कोर्ट ने बाबा रामदेव के माफ़ी नामें को ख़ारिज करते हुए कहा था कि आपकी माफ़ी केवल खानापूर्ति हैं और कुछ नहीं आपके अंदर माफ़ी भाव नहीं हैं। अब देखना होगा कि आगे बाबा रामदेव क्या करते हैं क्यूंकि उनकी कोई भी ट्रिक कोर्ट के आगे नहीं चल रही हैं।

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