JNU में प्रदर्शन पर रोक, जुर्माने के खिलाफ एक हुए लेफ्ट-राइट

देश राजनीति

जेएनयू ने छात्रों के सभी प्रकार के प्रदर्शन और घेराव करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं विवि के इस फैसले का आज लेफ्ट और राइट छात्र संगठन विरोध करेंगे. जेएनयू छात्र संघ ने इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है.


जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने सभी प्रकार के प्रदर्शन और घेराव करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई छात्र किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन या घेराव करता है तो उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा. वहीं जेएनयू के छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर या यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी के किसी भी सदस्य के रेजिडेंट के बाहर प्रोटेस्ट और बैनर भी लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. अब यूनिवर्सिटी के इस फैसले के खिलाफ लेफ्ट-राइट एक हो गए हैं.

विश्वविद्यालय में किसी भी शिक्षक, छात्र और कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट, विश्वविद्यालय में रोड ब्लॉक करने या विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर भी 20 हजार का जुर्माना देना होगा. साथ ही संबंधित छात्र का प्रवेश भी निरस्त कर दिया जाएगा. चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के मैनुअल में इन सभी बातों को लिखा गया है. 24 नवंबर 2023 को हुई कार्य परिषद की बैठक में इस मैनुअल को पास भी किया जा चुका है.

जेएनयू ने छात्रों के सभी प्रकार के प्रदर्शन और घेराव करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं विवि के इस फैसले का आज लेफ्ट और राइट छात्र संगठन विरोध करेंगे. जेएनयू छात्र संघ ने इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने सभी प्रकार के प्रदर्शन और घेराव करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई छात्र किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन या घेराव करता है तो उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा. वहीं जेएनयू के छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर या यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी के किसी भी सदस्य के रेजिडेंट के बाहर प्रोटेस्ट और बैनर भी लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. अब यूनिवर्सिटी के इस फैसले के खिलाफ लेफ्ट-राइट एक हो गए हैं.

 

क्या है मैनुअल में?
मैनुअल में लिखा गया है कि कि जालसाजी और पूर्व अनुमति के बिना जेएनयू परिसर में फ्रेशर्स पार्टी, फेयरवेल पार्टी या डीजे जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करने पर भी कार्रवाई हो सकती है. इस पर 6 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है. इससे पहले अगस्त में विश्वविद्यालय ने एक- दो छात्रों पर 10 हजार रुपए का फाइन भी लगा चुका है.

साथ आए लेफ्ट-राइट
विश्वविद्यालय के इस फैसले के खिलाफ जेएनयू के राइट और लेफ्ट सहित सभी छात्र संगठन एक हो गए हैं और इसका विरोध किया है. वहीं जेएनयू छात्रसंघ ने इस मैनुअल को तुरंत रद्द करने की मांग की है. इस नोटिस के खिलाफ लेफ्ट और राइट आज विश्वविद्यालय परिसर में विरोध करेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *