इंडिया गठबंधन को शुक्रवार को फिर झटका लगा है. गुरुवार को टीएमसी ने कांग्रेस की बुलाई बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था. शुक्रवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच बैठक होनी थी, लेकिन समाजवादी पार्टी ने इसे रद्द कर दी.

इंडिया गठबंधन को शुक्रवार को फिर एक झटका लगा है. सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की बैठक शुक्रवार को रद्द हो गई है. समाजवादी पार्टी का कहना है कि सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस ने अपना होमवर्क नहीं किया था, इसीलिए आज आज मीटिंग कैंसिल हो गई है. समाजवादी पार्टी का कहना है कि यूपी के पार्टी नेतृत्व की तैयारी नहीं थी. कांग्रेस के मुताबिक, मुकुल वासनिक गुजरात और अविनाश पांडे यूपी के प्रभारी महासचिव हैं. वो दोनों शाम 6 बजे तक कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में व्यस्त हैं. दोनों कल इम्फाल जा रहे हैं. अब 15 जनवरी को उनके वापस आने के बाद बैठक होगी.
बता दें कि कांग्रेस ने टीएमसी नेताओं को बैठक करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन टीएमसी ने बैठक में अपने प्रतिनिधियों को भेजने से इनकार कर दिया था. टीएमसी के शीर्ष नेताओं का कहना था कि पार्टी सुप्रीमो ने पहले ही दो सीट देने का प्रस्ताव दिया था. ऐसे में प्रतिनिधि भेजने का कोई मतलब नहीं है. यदि बातचीत हो तो शीर्ष नेतृत्व के बीच हो, ताकि कोई फैसला हो सके.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस गठबंधन के पार्टियों के साथ लगातार बैठक कर रही है. बता दें कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 20 जनवरी तक घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारे की समय सीमा तय की थी. उसके बाद कांग्रेस के नेता विभिन्न घटक दलों नेताओं के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं. कांग्रेस गठबंधन समिति ने इससे पहले दिल्ली में आप, राजद, शिवसेना, एनसीपी और सपा के नेताओं से मुलाकात की थी. उनकी आज फिर सपा नेताओं के साथ बैठक होनी थी, लेकिन बैठक के पहले ही समाजवादी पार्टी ने रद्द कर दी है.
9 जनवरी की बैठक में तय हुई थी आज की मीटिंग
बता दें कि इसके पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए 9 जनवरी को कांग्रेस गठबंधन समिति के प्रमुख मुकुल वासनिक के आवास पर बैटक हुई थी. बैठक के बाद सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा था कि अगली बैठक 12 जनवरी जनवरी को तय की गयी है, लेकिन शुक्रवार को बैठक रद्द कर दी गई.
कांग्रेस भारतीय गठबंधन के विभिन्न दलों के साथ सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले उनके साथ राज्य-दर-राज्य बातचीत कर रही है. इससे पहले, सपा ने दावा किया है कि वह अगले साल होने वाले आम विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 65 पर चुनाव लड़ेगी.
विधासनभा चुनाव में कांग्रेस-सपा में हुई थी तकरार
हाल ही में संपन्न मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सीट आवंटन को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में जमकर तकरार हुई थी. समाजवादी पार्टी को उनकी उम्मीद के बावजूद मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस से कोई सीट नहीं मिली थी. क्योंकि कांग्रेस ने सीट-बंटवारे पर विचार करने से इनकार कर दिया थी. उसके बाद अखिलेश कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक हो गये थे. परिणामस्वरूप, सपा अपने दम पर 69 एमपी सीटों पर चुनाव लड़ी थी, हालांकि चुनाव में सपा को कोई सीट नहीं मिली थी. वहीं भाजपा ने हिंदी पट्टी के तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सरकार बनाने में कामयाब रही थी.
