Arvind Kejriwal On Indian Currency: दिल्ली के मुख्यंमत्री अरविंद केजरीवाल काफी वक्त से अपनी छवि एक सॉफ्ट हिंदुत्व वाले नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. अब केजरीवाल की केंद्र सरकार से भारतीय करेंसी पर गणेश और लक्ष्मी की तस्वीर छापने की मांग ने ये मुहर लगा दी है कि, वो हिंदुत्व की राजनीति में बीजेपी की नाव पर सवार होना चाहते हैं. केरजीवाल का ये दांव गुजरात चुनाव के लिए बहुत बड़ा माना जा रहा है. गुजरात चुनाव से पहले केजरीवाल के इस ‘हिंदुत्व कार्ड’ को राजनीतिक पंडित भी दिलचस्पी के साथ देख रहे हैं. इसके सियासी नफा-नुकसान की बातें होने लगी हैं. दरअसल, बुधवार को अपने बयान में सीएम केजरीवाल ने कहा कि, भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए बहुत सारे कदम उठाने की जरूरत है लेकिन साथ ही हमें देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी जरूरत है.
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर हमेशा की तरह एक तरफ रहे और दूसरी तरफ लक्ष्मी और गणेश की तस्वीर रहे तो इससे पूरे देश को उनका आशीर्वाद मिलेगा। केजरीवाल ने कहा कि इंडोनेशिया में 85 फीसद से ज्यादा आबादी मुसलमानों की है और 2 फीसद से कम हिंदू हैं। लेकिन इंडोनेशिया में भी नोटों पर गणेश जी की तस्वीर छपी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस कदम को उठाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि उनकी यह मांग नहीं है कि सारे नोटों को बदल दिया जाए लेकिन अब जो नए नोट छपेंगे, उनमें गणेश और लक्ष्मी की तस्वीर लगाई जाए.
केजरीवाल की इस मांग ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है. बीजेपी, काग्रेस समेत तमाम सियासी दल केजरीवाल पर टूट पड़े हैं. अरविंद केजरीवाल की इस मांग के बाद बीजेपी एक बार फिर से उन पर हमलावर हो गई है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि ‘अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में एडवर्टिज़मेंट पॉलिसी चला रखी है. काम कम और ज़्यादा दिखावा हो रहा है और वो ठीकरा लक्ष्मी और गणेश पर फोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल आज हिंदू बनने की कोशिश कर रहे हैं. ये यू-टर्न की पराकाष्ठा बताया है.
वहीं केजरीवाल की इस मांग के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर से उन पर बीजेपी की ‘बी’ टीम होने का आरोप लगाया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘केजरीवाल को गंभीरता से लेना छोड़ दें. उन्हें जो गंभीरता से ले रहे हैं, वे गलती कर रहे हैं. वह समय-समय पर रंग बदलते रहते हैं. अभी और देखिए कितना रंग बदलते हैं. उन्होंने महात्मा गांधी की तस्वीर हटा दी और फिर चरखा चलाने लगे. राजनीतिक परिपक्वता और अवसरवाद में अंतर होता है.’ कांग्रेस के एक और नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल की कोई निष्ठा नहीं है. वह बीजेपी और संघ की बी टीम हैं.
केजरीवाल को उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर भी लोग घेर रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, केजरीवाल IIT में पढ़ाई कर चुके हैं, IRS की नौकरी कर चुके हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं.. लेकिन इतना सब करने के बावजूद वो इस तरह का बयान देते हैं.. मेरी मनीष सिसोदिया से अपील है कि दिल्ली के स्कूलों को बेहतर करने के साथ पढ़ाई को भी बेहतर करें, IIT करने वाले यह बयान दे रहे हैं..
वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा कि, बिलकिस बानो के बलात्कारियों की रिहाई पर मौन रहने वाले केजरीवाल को अब नोटों पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की फोटो चाहिए. शिक्षा स्वास्थ्य की बात करने वाले अब गुजरात चुनाव जीतने के लिए खुलकर RSS के एजेंडे पर चलने लगे है। एक महिला ने लिखा कि, जिस वक्त केजरीवाल जी नोट पर लक्ष्मी-गणेश की फोटो लगाने की मांग कर रहे थे, उस वक्त ठीक उनके पीछे बाबा साहेब आंबेडकर और भगत सिंह की फोटो लगी हुई थी.
एक यूजर ने लिखा कि, केजरीवाल की चाणक्यनीति उनके पार्टी के लिए फायदेमंद है, देश के लिए नहीं.. उम्मीद थी की पढ़े लिखे नेता देश सुधारेंगे, लेकिन यह तो देश को और पीछे ले जा रहे हैं. तो वहीं एक ने लिखा कि, पंजाब में अंबेडकर और भगत सिंह इनके फ़ेवरेट थे. गुजरात में लक्ष्मी-गणेश याद आ रहे है. अभी केरल जाएँगे तो जय श्री क्राइस्ट भी करेंगे. इनको ऐसे ही एनजीओ पार्टी नहीं कहते.
