लोकसभा सांसद शशि थरूर ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि इस बारे में कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है क्योंकि ये राजनीति है. वह लगातार इस सीट से तीन बार जीत हासिल कर संसद पहुंचे हैं. उन्होंने साल 2009 में लोकसभा चुनाव में एंट्री मारी थी और उन्होंने तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से विजय हासिल की थी.

क्या कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और लोकसभा सांसद शशि थरूर आखिरी बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं? इस सवाल का जवाब उन्होंने खुद दिया है. उनका कहना है कि युवाओं को चुनाव लड़ने के अवसर दिए जाने चाहिए. उनका मानना है कि एक समय पर आकर युवाओं के लिए जगह बनानी पड़ती है. इस तरह की उनकी सोच है. हालांकि राजनीति में एक और नारा रहा है कि कभी भी न मत कहो. थरूर के इस बयान के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि ये उनका 2024 लोकसभा चुनाव आखिरी हो सकता है.
बीते दिन लोकसभा चुनाव को आखिरी बार लड़ने के बारे में थरूर ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि इस बारे में कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है क्योंकि ये राजनीति है. दरअसल, कहा जा रहा था कि एक टीवी शो के कार्यक्रम में थरूर ने बार-बार दोहराया कि 2024 का लोकसभा चुनाव तिरुवनंतपुरम सीट से आखिरी बार लंड़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा है. उन्होंने कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें लगता है कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा.
पूरी जोश के साथ लड़ेंगे लोकसभा चुनाव- थरूर
कांग्रेस नेता का कहना है कि अगर वह तिरुवनंतपुरम से चुनावी मैदान में उतरते हैं तो वह ऐसे लड़ेंगे जैसे कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा. पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा. लोगों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश करेंगे. कांग्रेस नेता थरूर ने साल 2009 में लोकसभा चुनाव में एंट्री मारी थी और उन्होंने केरल के तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से विजय हासिल की थी.
वह लगातार इस सीट से तीन बार जीत हासिल कर संसद पहुंचे हैं. इस बार वह चौथी बार चुनाव तिरुवनंतपुरम से लड़ सकते हैं. अपनी पहली चुनावी लड़ाई में थरूर ने अपने निकटतम सीपीआई प्रतिद्वंद्वी पी रामचंद्रन नायर पर 95,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था. उनकी ये बड़ी जीत थी, जिसका अंदाजा कांग्रेस ने नहीं लगाया था. शशि थरूर ने इस सफलता के बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में निर्णायक जीत के साथ इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा.
