भारत को लोकतत्रं की जननी बताने वाले प्रधानमत्री के ग्रह राज्य गुजरात (Gujarat) में भाजपा के उम्मदीवार मुकेश दलाल (Mukesh dalal) निर्विरोध जीत गए हैं. आपको बता दें कि,कांग्रेस(Congress) के उम्मदीवार नीलेश कुम्भाणी का रविवार को नामंकन रद्द हो गया है और बाकी सभी उम्मदीवारों ने अपना नामंकन वापस ले लिया है. जिसके बाद ऐसा समीकरण बना कि भाजपा के नेता मुकेश दलाल चुनाव होने से पहले ही जीत गए.
दरअसल हुआ यूं कि, सुरत लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार निलेश कुम्भाणी का नामांकन पत्र रद्द हो गया, निलेश के नामांकन के ख़िलाफ़ बीजेपी के नेता दिनेश जोधनी ने शिकायत की, कि उनके नामांकन पर प्रस्तावकों के दस्तख़त फर्जी हैं. इसके बाद ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें अपने प्रस्तावकों को पेश करने के लिए कहा. निलेश पेश नहीं कर पाए. इतना ही नहीं, उनका डमी नामांकन भी ख़ारिज हो गया. मैदान में बाक़ी बचे,आठ उम्मीदवारों (चार निर्दलीय, तीन छोटे दलों से और बहुजन समाज पार्टी के प्यारेलाल भारती) ने आखिरी दिन अपना नामांकन वापस ले लिया।
सोमवार (22 अप्रेल) को गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने सोशल मीडिया “एक्स” पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “सूरत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहला कमल भेंट किया है। मैं सूरत लोकसभा सीट से अपने उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध निर्वाचित होने पर बधाई देता हूं।“
नांमकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा को घेरना शुरु कर दिया है. कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि,”आप क्रोनोलॉजी समझिए कि कैसे लोकतंत्र खतरे में है, सूरत में पहले कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी का नामांकन रद्द किया गया. फिर सूरत से कांग्रेस के एक अन्य वैकल्पिक उम्मीदवार का नामांकन खारिज किया गया. इसके बाद, BJP प्रत्याशी को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया. ऐसे में सूरत लोकसभा सीट से BJP प्रत्याशी मुकेश दलाल को ‘निर्विरोध’ विजयी घोषित कर दिया गया. यह ‘मैच फिक्सिंग’ है, जो PM मोदी कर रहे हैं क्योंकि वह बुरी तरह डरे हुए हैं, ये लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है, जिसे नरेंद्र मोदी खत्म करना चाहते हैं.”
